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हाय! दोस्तों मैं आपको एक वास्तविक सेक्स स्टोरी बताने जा रहा हूं। आज से लगभग 6 वर्ष पहले जब मेरी उम्र लगभग 20 वर्ष की थी तब एक दिन मेरे घर मेरे मामा और मामी आये वो मध्य प्रदेश में रहते थे लेकिन कुछ कारणों से उन्होनें अपना शहर छोड़ दिया और वो हमारे घर आ गये
मेरी मां के दूर के रिश्ते में वह भाई लगते थे मेरी मां ने उन्हे यहंा रहने के लिये कह दिया। मेरी मामी गोरी चिट्टी, चैड़ी कमर और भरे हुए बदन की थीं। जब मैंने उन्हें पहली बार देखा तो देखता ही रह गया और उन्हंे कैसे चोदंू यह सोचने लगा। मेरे मामा को काम की तलाश थी तो मेरी मां ने मुझसे कहा कि तुम मामा के लिये कोई नौकरी की तलाश करो, मैंने मामा के लिये एक अच्छी नौकरी की तलाश कर ली मामा नौकरी पर जाने लगे इधर मामी घर में रहती थी और मैं भी घर में अकेला रहता था उसी बीच हम दोनो लोग बहुत घुलमिल गये मैं मामी से मजाक भी कर लेता था एक दिन वह घर में कपड़े धो रही थीं अचानक मेरी नजर उनके बूब्स पर पड़ गई गोरे गोरे बूब्स को देखकर मंै उत्तेजित होने लगा तभी मामी की नजर मुझ पर गई लेकिन मुझे पता नहीं चला और उन्होंने कुछ नहीं कहा वो बराबर अपना काम करती रहीं लेकिन शायद उन्होंने मेरा इरादा भांप लिया लेकिन मेरी उनसे कुछ कहने की हिम्मत नहीं हो रही थी मैं मन ही मन मैं उन्हें चाहने लगा था। और रातांे को ख्वावों में उन्हीं को चोदने लगा। तभी एक दिन मामी ने कहा कि तुम मेरी भी नौकरी कहीं लगवा दो तो मैंने दूसरे दिन उनकी भी नौकरी एक स्कूल में टीचर की जगह लगवा दी। दूसरे दिन से मामी भी स्कूल जाने लगी । लेकिन अब मैं घर में अकेला रहता था मुझे मामी की कमी महसूस होती थी लेकिन मैं कुछ कर नहीं पा रहा था और चुप चुप रहने लगा। मामी शायद यह समझ रही थी। एक दिन बिजली नहीं आ रही थी और हम सब लोग ऊपर छत पर आ गये तथी मामी भी आ गयी मैं उन्हें देखकर दूसरी छत पर चला गया जहां पर कोई नहीं था। मामी भी वहीं पर आ गयी। मामी ने मेरे हाथ पर अपना हाथ रखकर कहा कि मैं तुमसे एक बात कहना चाहती हॅूं मैंने कहा क्या वो वोली कि मैं तुमसे दोस्ती करना चाहती हूॅ यह सुनकर मैं एक दम चैंक गया और उनकी तरफ देखने लगा। मैंने उनसे पूछा कि सिर्फ दोस्ती या और कुछ तो वह शरमा गई और बोली सच तो यह है कि मैं तुमसे बहुत प्यार करती हॅू तो मैंने पूछा कि इस प्यार की सीमा क्या होगी। तो वह बोली कि तुम्हें वो सारे अधिकार होंगे जो तुम्हारे मामा के लेकिन सिर्फ एक अधिकार नहीं होगा मैंने पूछा कि कौन सा तो वो बोली कि तुम सब जानते हो इस पर मैंने कहा कि वही तो मैन अधिकार है। वह शरमा कर चली गई। अब हम दोनो एक दूसरे को किस कर लेते थे कभी छिप कर एक दूसरे के अंगों को छू लेते थे मैं भी उनके बूब्स पर हाथ से सहला लेता था। लेकिन चोदने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था और कुछ चोदने का समय भी नहीं मिल रहा था। उनकी जांघ पर भी मैं हाथ से सहला देता था। कई बार मैंने उनको नहाते हुए भी पूरा नंगा देख लिया था और उन्हें भी पता था कि ये मुझे देख रहा है लेकिन फिर भी उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दिखाई मुस्करा कर शरमा जाती थी। जैसे एक पत्नी अपने पति से शरमा कर नशीली निगाहों से मना करती है वैसे ही वह मुझसे करती थी। एक दिन मेरे घर में सभी लोग कुछ दिन के लिये बाहर गये हुए थे लेकिन मैं नही गया था मम्मी ने भी ज्यादा फोर्स नहीं किया क्योंकि वह जानती थी कि घर में मामी है खाने पीने की कोई परेशानी नहीं होगी वह मुझे अकेले छोड़ने के लिये तैयार हो गई। मामा और मामी से उन्हांेने कह दिया कि राज का ख्याल रखें। दो दिन गुजर गये कोई मौका नहीं मिला एक दिन मामा ने बताया कि उनकी चार दिन रात को ड्यूटी लगेगी तो मैं मन ही मन में खुश हुआ कि आज तो मैं मामी को चोद कर ही रहंूगा। उस दिन मामा रात को 9.00 बजे चले गये और मामी से कहा कि तुम रात को जिम्मेदारी से सारे ताले आदि लगाकर सोना। मामी ने रात को सारे ताले आदि लगा दिये मैं अपने कमरे में जा कर सोने का नाटक करने लगा। घर के सारे काम खत्म करके मामी 11.00 बजे मेरे कमरे में आयी और बोली कि सो गये हो क्या, मैंने कहा नहीं और वो मेरे पास आकर बैठ गईं मैंने मामी से कहा कि आपको नींद नहीं आ रही है तो उन्होंने कहा कि अभी नहीं आ रही है और उन्होने मेरे सिर पर प्यार से हाथ फेरने लगी। उन्होंने प्यार से मुझे देखा मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उन्हें पकड़ कर बिस्तर पर लिटा लिया और अपने होंठ उनके हांेठांे पर रख दिये करीब आधा घण्टे तक हम एक दूसरे को प्यार करते रहे इसी बीच मामी भी बहुत उत्तेजित हो गई थी तथी मैंने मामी से कहा कि मै तुम्हारी जांघों को चूमना चाहता हूं वो राजी हो गई मैंने उनकी साड़ी उनकी जांघो से ऊपर कर उनकी जांधे गोरी थी और जांघों को चूमते चूमते ऊपर की ओर आने लगा तो बोली कि राज क्या कर रहे हो मैंने कहा कुछ नहीं अपनी इच्छा को पूरा कर रहा हूँ और एक दम अपने होंठ उनकी चूत पर रख दिये और अपनी जीभ से उनकी चूत को सहलाने लगा उन्हें एक दम ऐसा झटका लगा जैसे किसी ने ठहरे हुए पानी में कंकड मार दिया हो मामी कराहने लगी कि औह, राज ये तुम क्या कर रहे हो और दूसरे हाथ से उनके बूब्स सहलाने लगा। मामी को इतना मजा शायद कभी भी नहीं आया होगा उन्होने दोनो टांगे चैड़ी कर दी और मैं उनकी चूत को अपनी जीभ से सहलाने लगा उनकी चूत गोरी और लाल थी ये बहुत ही नरम थी और उसमे से गरम गरम भाप निकल रही थी वे अपने दोनो हाथों से मेरे सर के बालों को उंगलियों से सहला रही थी और कह रही थी कि राज मैं पागल हो जांउगी बहुत मजा आ रहा है मैं भी उनके चूत के दाने को अपनी जीभ से सहला रहा था मुझे भी बहुत मजा आ रहा था कुछ देर बाद वह बोली कि खुद ही सब कुछ करोगे कि मुझे भी कुछ करने देगा यह कहकर मुझे खींचने लगी मैंने भी अपना पैंट उतार ही रहा था एक दम उन्होंने मेरा कच्छा उतारा और मेरे लंड को मुंह में लेकर चूसने लगी और बोली तुम्हारा लण्ड तो काफी बड़ा है अब मुझे भी बहुत मजा आ रहा था। उन्होंने मुझे बिस्तर पर बिल्कुल नगंा लिटा दिया और वो मेरी पास बैठकर मेरे लण्ड को चूस रही थी और मेरे लण्ड से खेल रही थी और मैं उनकी चूत में उगली डालकर आगे पीछे कर रहा था इस प्रकार उन्हे भी मजा आ रहा था। उनकी गोरी गोरी जांघें जिन पर एक भी बाल नहीं था उन्हें देखकर ही मैं इतना उत्तेजित हो चुका था कि मुझसे रहा नहीं जा रहा था उधर मामी भी अब ये चाहती थी कि मेरा लण्ड उनकी चूत में पड़ जाये और मै उन्हें चोदूं। कुछ देर बाद वह बोली कि अब मुझसे रहा नहीं जा रहा राज जल्दी करो मैं चुदने को बेकरार हूं और मैंने भी मामी को लिटाया और उनकी चूत में अपना लण्ड डाला तो वह अन्दर ही नहीं जा रहा था फिर एक जोर से धक्का मारा तो वह जैसे ही अन्दर घुसा मामी की एक दम चीख निकल गई और बोली कि धीरे धीरे करो और मैं धीरे धीरे करने लगा और मामी के गोरे गोरे बूब्स को अपने मूँह में लेकर जीभ से सहलाने लगा मामी मेरी बाहों में सिमटी जा रही थी और मेरे शरीर पर प्यार से हाथ सहला रही थी और कह रही थी औह राज बहुत मजा आ रहा है ऐसे ही करो और पता नहीं कब धक्के लगाने की स्पीड बढ़ गई। मेरे मुंह से आवाज निकल रही थी औह मामी पूरा अन्दर लो न और मामी कर रही थी पूरा डाल दो मेरी चूत को फाड़ दो आह जल्दी करो -2 । कुछ देर बाद मैं झड़ने वाला था तो मैंने कहा मामी मैं झड़ने वाला हूँ तो उन्होंने कहा कि लण्ड निकाल कर मेरे मुँह में डाल दो मैंने लण्ड निकाल कर उनके मुँह में डाल दिया वो लण्ड को चूसने लगी और मेरा पानी भी मुँह में ले लिया। उस रात मेने मामी को तीन बार चोदा और हम दोनो पूरी रात नंगे ही लेटे रहे कभी वो मेरे लण्ड से खेलती तो कभी मैं उनकी चूत और बूब्स से ऐसा लगता था कि हम दोनो पति पत्नी है। उसके बाद मैं रोजाना मामी को चोदता करीब दो वर्ष तक मामी मेरे ही पास रही। लेकिन दोस्तों आज मामी मेरे पास नही रहती है वह अब ग्वालियर रहती है लेकिन उन पलों को मैं आज तक नहीं भूला जो खूबसूरत पल उन्होंने मेरे साथ बिताए उन पलों को याद करके मैं आज भी उन्हें याद कर लेता हूं। आपको मेरी सच्ची कहानी कैसी लगी। मुझे ई-मेल जरूर करें।
मस्तराम जी की कहानिया पढने के लिए बहुत बहुत धन्यबाद और लंडबाद और चूटबाद! हमारा कोशिश हमेशा यही रहेगा की जब जब आप हमारे मस्तरामजी डोट कॉम साईट में आये या साईट के बारे में सोचे ताब ताब आपका लंड खम्बा के तरह खरा हो जाए और आपकी चूट फूआरा के तरह बहने लगे! आपको और किस ढंग का कहानी सुनना या पढना पसंद है, हमें आवश्य बताये! ईमेल करें This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.
Comments
Meri Chute geeli ho gai...Koi ladka hai jo meri chute ko chatega?
Aruna, mera lund bhi khara hua hai.
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